वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही "पंचवटी योजना"

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सर्वस्पर्शी योजनाओं से प्रदेश के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो रहा है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को सदैव ही सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य सरकार ने पंचवटी योजना शुरू की है। इस योजना के अन्तर्गत ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए मनरेगा के अन्तर्गत प्रत्येक विकास खंड में आवश्यक सुविधाओं से युक्त पार्क और बगीचे विकसित किए जा रहे हैं। इस योजना के अन्तर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए कम से कम एक बीघा भूमि पर यह पार्क विकसित किए जा रहे हैं।


प्रत्येक पार्क के निर्माण की अनुमानित लागत ₹8,75,000

वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा 14वें वित्त आयोग के अभिसरण के अन्तर्गत इन पार्कों का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक पार्क के निर्माण की अनुमानित लागत 8,75,000 रुपये रखी गई है परन्तु क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की जा सकती है। इन पार्कों में ग्राम पंचायतों के माध्यम से आयुर्वेदिक, औषधीय पौधे लगाने के साथ बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए मनोरजंक उपकरण, पैदल पथ और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अतिरक्त प्रत्येक पार्क में जॉगिंग ट्रेक, योग और ध्यान की कक्षाओं के लिए विशेष स्थान, महिलाओं और पुरूषों के लिए शौचालय की सुविधा तथा सोलर लाइटें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन पार्कों में निर्माण कार्यों के लिए ग्रामीण विकास विभाग के तकनीकी विंग की सेवाएं ली जा रही हैं। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही इन पार्कों का रखरखाव किया जा रहा है।

प्रदेश के 268 स्थानों पर पंचवटी पार्कों का कार्य प्रगति पर
प्रदेश में वित्त वर्ष 2020-21 में प्रदेश के 288 स्थानों पर भूमि का चयन कर पंचवटी पार्कों के निर्माण कार्यों के लिए लगभग 965 लाख रुपये प्रदान किए गए। वित्त वर्ष 2021-22 में 217 स्थानों पर भूमि का चयन किया गया है और पार्कों के कार्य के लिए 157 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। ऊना जिले मे 97 स्थानों, शिमला जिले मे 23, मंडी जिले में 12, कुल्लू जिले मे 8, लाहौल-स्पीति में 3, सिरमौर जिले में 4, सोलन जिले में 7, कांगड़ा जिले में 37, किन्नौर जिले में 6, हमीरपुर जिले में 12 तथा बिलासपुर और चम्बा जिले में चार-चार स्थान पार्क बनाने के लिए चिन्हित किये गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 268 स्थानों पर पंचवटी पार्कों का कार्य प्रगति पर है।  


पंचवटी उपवन बेचड़ का बाग बना आकर्षण का केंद्र 

जिला सिरमौर के विकास खण्ड नाहन की ग्राम पंचायत महीपुर में बना पंचवटी उपवन बेचड़ का बाग हर आयुवर्ग के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गया है। यह पंचवटी उपवन 120 वर्गमीटर में फैला है और इस उपवन में वृद्धजनों के बैठने के उपयुक्त स्थान के साथ लॉन, जॉगिंग ट्रेक और बच्चों के लिए अलग से खेलने का स्थान उपलब्ध करवाया गया है। इस पार्क की बाड़-बंदी भी की गई है और यहां पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते प्रचार वाक्य (स्लोगन) लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं।



पार्कों के माध्यम से वृद्धजनों की शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक आवश्यकताओं की हो रही पूर्ति

वरिष्ठजनों को केंद्र में रखकर बनाई गई पंचवटी योजना ग्रामीण विकास की परिकल्पना को साकार करती है। राज्य सरकार का ध्यान सदैव ही ग्रामोन्मुखी नीतियों पर केंन्द्रित रहा है, जिससे कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तेजी से सुनिश्चित हो रहा है। इन पार्कों के माध्यम से वृद्धजनों की शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है और वे अपना समय बेहतर ढंग से व्यतीत कर रहे हैं। यह योजना वृद्धजनों की प्रत्याशा बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

Courtesy: CMO Himachal

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