कैबिनेट मीटिंग : मेडिकल-पैरामेडिकल के पदों पर होगी नियुक्ति, औद्योगिकरण को बढ़ावा देने के लिए लिया अहम निर्णय


मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। राज्य मंत्रिमंडल ने कोविड-19 की स्थिति की पूर्ण समीक्षा की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से की गई सभी तैयारियों एवं वर्तमान स्थिति के बारे में प्रस्तुति के द्वारा राज्य मंत्रिमंडल को जानकारी दी गई। इसके उपरांत व्यापक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग में आवश्यकतानुसार विभिन्न मेडिकल एवं पैरामेडिकल के पदों पर तीन माह के लिए आउटसोर्स बेस पर नियुक्ति की जाएगी। साथ ही केबिनेट ने एसएलबीएसजीएमसी नेरचैक मण्डी को समर्पित कोविड-19 अस्पताल बनाने को भी मंजूरी दी गई। उन्होंने आगे यह भी बताया कि सभी मंत्रिमंडल सदस्यों ने प्रदेश में किए जा रहे एक्टिव केस फांइडिंग अभियान को भी सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए और विभाग के इस कदम को सराहा।
राज्य में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों की सुविधा के लिए मंत्रिमंडल ने प्रोत्साहन प्रदान करने और स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पर छूट/घटाने का निर्णय लिया। अब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश व सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टैम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 10 प्रतिशत क्रमशः श्रेणी ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज डीड पर लिया जाएगा। इसी तरह जिन उद्यम विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश व सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टैम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 20 प्रतिशत क्रमशः श्रेणी ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज डीड पर लिया जाएगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित एंकर उद्यमों, जिनकी निश्चित पूंजी निवेश 200 करोड़ रुपये से ज्यादा है और नियमित तौर पर 200 से ज्यादा बोनाफाईड हिमाचलियों को रोजगार प्रदान किया है, वह स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पर रियायत के लिए 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत, 20 प्रतिशत के उपयुक्त दरों पर क्रमशः श्रेणी ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज डीड पर के लिए पात्र होंगे। मंत्रिमंडल ने सोलन जिला के बद्दी के मौजा केंडुआल स्थित उद्योग विभाग की 30 बीघा भूमि मैसर्ज जेबीआर एन्वायरमेंट टैक्नाॅलाॅजीज (बद्दी) प्राईवेट लिमिटेड को पट्टे पर 25 वर्ष की अवधि के लिए एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की टोकन मनी पर एकत्रित ठोस कचरा प्रबन्धन परियोजना स्थापित करने के लिए देने का निर्णय लिया।


राज्य सरकार ने किया फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट का गठन

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से संबंधित फर्जी समाचारों के प्रसार की जांच के लिए ‘फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट’ का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत इसके बचाव संबंधी उपाय किए जा रहे है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार विशेष रूप से हम प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक ओर सोशल मिडिया से अपेक्षा करते हैं कि वे जिम्मेदारी की भावना बनाए रखें। डर का माहौल पैदा करने वाले अप्रमाणिक समाचार प्रसारित न करें। लोगों के संदेह को दूर करने के लिए सोशल मीडिया और अन्य मंचों सहित सभी मीडिया के माध्यम से भारत सरकार द्वारा  दैनिक बुलेटिन भारत के महाधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत किए जाने के 24 घंटों के भीतर सक्रिय किया जाएगा। हम इस महामारी के बारे में खुली चर्चा में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते। मीडिया को विभिन्न जानकारियों को आधिकारिक विवरण से प्रकाशित करना चाहिए।

प्रेस काउंसिल आॅफ इंडिया ने भी मीडिया को सलाह दी है कोविड-19 को लेकर सही समाचारों का प्रसार सुनिश्चित करे।

फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल, सोशल मीडिया में कोरोना वायरस से संबंधित झूठे और गलत समाचारों के प्रसार पर निगरानी रखे इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस से संबंधित सूचना को मिडिया के साथ सांझा करे। यूनिट संबंधित अधिकारियों, एजेंसियों को कानून के प्रावधान के अनुसार सुधारात्मक उपायों और उचित कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगी। प्रवक्ता ने कहा कि फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू कर देगी।

निदेशक, सूचना एवं जन संपर्क, हरबंस सिंह ब्रसकोन फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट के अध्यक्ष होंगे, जबकि एस.पी. साईबर क्राईम संदीप धवाल, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विनोद शर्मा, संयुक्त निदेशक आईटी अनिल सेमवाल, संयुक्त निदेशक सूचना एवं जन संपर्क प्रदीप कंवर, संयुक्त निदेशक सूचना एवं जन संपर्क महेश पठानिया, उप निदेशक सूचना एवं जन संपर्क धर्मेंद्र ठाकुर, उप निदेशक (तकनीकी) सूचना एवं जन संपर्क यू.सी. कौंडल और प्रबंधक आईटी हिमाचल प्रदेश सचिवालय किशोर शर्मा सदस्य होंगे।

उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधान के अनुसार सभी सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्मों को अपने उपयोगकर्ताओं को होस्ट करने, प्रदर्शित करने, अपलोड करने, संशोधित करने, प्रकाशित करने, प्रसारित करने, अपडेट करने या सांझा करने के लिए सूचित करने की आवश्यकता है, जो सार्वजनिक आदेशों को प्रभावित कर सकते हैं और गैर कानूनी हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा कोविड-19 निधि में उदारता से दान करने का आह्वान

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने हमेशा कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हितों को सर्वोपरि रखा है। कठिन वित्तीय स्थिति होने के बावजूद भी राज्य सरकार ने कर्मचारियों को समय पर वेतन एवं पेंशन जारी की है, बल्कि इस माह बढ़ा हुआ वेतन एवं पेंशन का भुगतान भी मंहगाई भत्ता वृद्धि के साथ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण देश के अनेक राज्यों में कर्मचारियों के वेतन व पेंशन के बड़े भाग को लंबित किया है, परन्तु प्रदेश सरकार ने कठिन स्थिति के बावजूद भी ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को मंहगाई भत्ते की बकाया राशि मार्च, 2020 में सामान्य भविष्य निधि खातों में जमा करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि जिन कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते नहीं हैं, ऐसे कर्मचारियों को मंहगाई भत्ते की बकाया राशि नकद भुगतान करने के आदेश जारी किए गए हैं।

जय राम ठाकुर ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों एवं पेंशनरों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ‘कोविड-19 निधि’ में स्वेच्छा से दान करें। उन्होंने कहा कि इस निधि में एकत्रित राशि देश व प्रदेश में कोरोना महामारी से निपटने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री को परिवहन मंत्री ने भेंट किया कोविड-19 साॅलिडेरिटी रिस्पोंस फंड के लिए एक करोड़ रुपये का चैक

 मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज यहां परिवहन मन्त्री गोविन्द ठाकुर ने हिमाचल पथ परिवहन निगम के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की ओर से हिमाचल प्रदेश कोविड-19 साॅलिडेरिटी रिस्पोंस फंड के लिए एक करोड़ रुपये का चैक भेंट किया।

इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश के गायत्री परिवार की ओर से वीके भटनागर, गिरजानन्द शर्मा और डीएन वर्मा ने भी एक लाख रुपये का चैक मुख्यमंत्री को भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने लोगों से इस फंड में उदारता से दान करने की अपील की, ताकि इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके।


एचपीटीडीसी ने दिया 14,02,540 रुपये का अंशदान

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को प्रबन्ध निदेशक, एचपीटीडीसी कुमुद सिंह ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की ओर से 14 लाख दो हजार 540 रुपये का चैक एचपी कोविड-19 साॅलिडेरिटी रिस्पोंस फंड के लिए आज यहां भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने लोगों से इस फंड में उदारता से दान करने की अपील की, ताकि इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके।



courtesy: CMO Himachal Pradesh

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