आसमान पर हिमाचल की बेटियां

होनहार खिलाडि़यों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रदर्शन कर प्रदेश के लिए स्वर्णिम बनाया वर्ष 2018

धर्मशाला – हिमाचल प्रदेश के खेल के इतिहास में 2018 स्वर्णिम वर्ष रहा है। प्रदेश के खेल की जब भी बात होगी, वर्ष-2018 का अध्याय स्वर्णिम पंक्तियों में चमकता हुआ सामने आएगा। ये सब कर दिखाया है हिमाचल की लड़कियों ने। 2018 का लड़कियों का यह कमाल का साल आगामी कई वर्षों तक प्रदेश के खिलाडि़यों को बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए भी प्रेरित करेगा। हिमाचल की लड़कियों ने इस एक वर्ष में राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहाड़ की प्रतिभा की धाक जमाई है। एक दर्जन हिमाचली खिलाडि़यों ने एशियन गेम्स जकार्ता-2018 में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही जिला चंबा से संबंध रखने वाली साई होस्टल धर्मशाला की चैलेंजिंग गर्ल सीमा ने एशियन में सिल्वर मेडल जीतकर यूथ ओलंपिक गेम्स जकार्ता में पहाड़ी बेटी की प्रतिभा दिखाई है। इसके अलावा देवभूमि हिमाचल की चार बेटियों सीमा, डिंपल, साक्षी और स्वीटी ने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स में कमाल का प्रदर्शन करते हुए आठ सालों के 40 लाख स्कॉलरशिप प्राप्त कर ओलंपिक 2024 और 2028 की तैयारियों के लिए अपना नाम स्वर्णिक अक्षरों में लिखवाया है।

जकार्ता में दम दिखाने उतरे दस

18वीं एशियन गेम्स इंडोनेशिया जकार्ता-2018 में पहली बार ऐसा मौका आया कि जब एक साथ दस हिमाचली खिलाडि़यों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया। इसमें कबड्डी में प्रदेश के डीएसपी अजय ठाकुर बतौर कप्तान ने देश के लिए कांस्य पदक जीता। वहीं, गर्ल्ज कबड्डी में कविता, प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर प्रियंका नेगी और रेलवे में सेवाएं प्रदान कर रहीं रितू नेगी ने सिल्वर मेडल देश के लिए जीता। इसके अलावा हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की निधि, दीक्षा, प्रिंयका सहित कुल्लू से एसएसबी की खिलाड़ी खिला देवी भी खेमे में शामिल रही। इसके अलाला वेट लिफ्टिगं में विकास ठाकुर, वॉलीबाल में शिमला के रोहडू के रहने वाले आर्मी में सेवारत पंकज शर्मा भी शामिल रहे।

क्रिकेट में भी छुई बुलंदियां

प्रदेश के अन्य खेलों के साथ-साथ देश में धर्म माने जाने वाले क्रिकेट में भी इस वर्ष बुलंदियां छुई हैं। हिमाचल की सुषमा वर्मा के इंडियन टीम में खेलने के अलावा दो महिला खिलाड़ी तनुजा कंवर और हरलीन दयोल टीम इंडिया-ए के सदस्य के रूप में इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं। इसके साथ ही वर्ष के अंत में प्रदेश के प्रंशात चोपड़ा, अंकुश बैंस और पंकज जस्वाल को आईपीएल के लिए बड़ी टीमों ने अपने खेमे में शामिल किया है।

2024-2028 ओलंपिक की तैयारियों को चुनीं गई चार

वर्ष 2018 में ही देवभूमि हिमाचल की चार बेटियों को खेलो इंडिया स्कॉलरशिप के तहत वर्ष 2024-पेरिस और 2028-अमरीका ओलंपिक तैयारी करने को चुना गया। आगामी आठ वर्षों तक चार बेटियों धर्मशाला साई होस्टल की सीमा व डिंपल, बिलासपुर साई की साक्षी व स्वीटी को 40 लाख रुपए स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी।

…और सीमा बन गईं देश की स्टार

चंबा के अति दुर्गम क्षेत्र रेटा की मात्र 17 वर्षीय एथलीट सीमा साई सहित राज्य व देश की स्टार बन गई हैं। सीमा ने दो इंटरनेशनल सिल्वर-ब्रांज के साथ ही तीन राष्ट्रीय रिकार्ड भी अपने नाम किए हैं। सीमा प्रदेश की पहली एथलीट हैं, जो अपने प्रदर्शन के बलबूते यूथ ओलंपिक-2018 में हिमाचल की ओर से प्रतिनिधित्त्व कर चुकी हैं। चीन के बैंकाक में आयोजित एशियन यूथ ओलंपिक बेनिस क्वालिफाई प्रतियोगिता में सीमा ने तीन हजार मीटर दौड़ में 9.55 में सिल्वर मेडल जीतकर यूथ ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया। इसी वर्ष सीमा ने जिपू जापान में आयोजित जूनियर ऐशियन गेम्स में भाग लिया। ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया ग्रुप सीमा को ‘हिमाचल एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित कर चुके हैं।

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Courtsey: Divya Himachal
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